Pages

Saturday, April 2, 2011

इच्छा मृत्यु लेकिन किसकी इच्छा..??

सर्वोच्च न्यायालय ने लेखिका पिंकी वीरानी की यह अर्ज़ी नामंज़ूर कर दी कि अरुणा की हालत को देखते हुए उनकी मौत की अनुमति दी जाए.यह एक ऐसा मामला है जिस पर लोग बोलने से कतराते हैं...??
ज़रूरत है एक राष्ट्रव्यापी बहस की जिसमें सबको अपनी राय रखने का मौक़ा मिले..??
salma zaidi or hum sab ki yahi aawaz hai ..

14 comments:

Dr (Miss) Sharad Singh said...

आपने सही कहा कि ज़रूरत है एक राष्ट्रव्यापी बहस की...
यह जरूरी है।

कृपया Word verification से टिप्पणीकारों को छुटकारा दिलाएं।

मदन शर्मा said...

आपने सही कहा कि ज़रूरत है एक राष्ट्रव्यापी बहस की...
यह जरूरी है।

इस चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हमारा नव संवत्सर शुरू होता है. इस नव संवत्सर पर आप सभी को हार्दिक शुभ कामनाएं ……

दर्शन कौर धनोए said...

achchha lekh haae ..bahas ka mudha bhi ?

amrendra "amar" said...

sarthak lekh ke liye badhai

कुमार राधारमण said...

एक बेहोश व्यक्ति कइयों के होश गुम किए हुए है।

दीप said...

achhi prastuti

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" said...

हर वो भारतवासी जो भी भ्रष्टाचार से दुखी है, वो देश की आन-बान-शान के लिए समाजसेवी श्री अन्ना हजारे की मांग "जन लोकपाल बिल" का समर्थन करने हेतु 022-61550789 पर स्वंय भी मिस्ड कॉल करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे. यह श्री हजारे की लड़ाई नहीं है बल्कि हर उस नागरिक की लड़ाई है जिसने भारत माता की धरती पर जन्म लिया है.पत्रकार-रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा"

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" said...

भ्रष्टाचारियों के मुंह पर तमाचा, जन लोकपाल बिल पास हुआ हमारा.

बजा दिया क्रांति बिगुल, दे दी अपनी आहुति अब देश और श्री अन्ना हजारे की जीत पर योगदान करें

आज बगैर ध्रूमपान और शराब का सेवन करें ही हर घर में खुशियाँ मनाये, अपने-अपने घर में तेल,घी का दीपक जलाकर या एक मोमबती जलाकर जीत का जश्न मनाये. जो भी व्यक्ति समर्थ हो वो कम से कम 11 व्यक्तिओं को भोजन करवाएं या कुछ व्यक्ति एकत्रित होकर देश की जीत में योगदान करने के उद्देश्य से प्रसाद रूपी अन्न का वितरण करें.

महत्वपूर्ण सूचना:-अब भी समाजसेवी श्री अन्ना हजारे का समर्थन करने हेतु 022-61550789 पर स्वंय भी मिस्ड कॉल करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे. पत्रकार-रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना हैं ज़ोर कितना बाजू-ऐ-कातिल में है.

Maahi said...

Ichchha Mrutyu...
Sahi baat kahi aapne...

aaj hmare desh me aise bahut se vishay hain jin par bahas hona jaroori hai... or agr kabhi aise kisi vishay par aap meri raay janna chaahen to jaroor kahen... Main har dam aapke Saath hoon

daanish said...

lekh ...
chintan ka vishay hai !

सारा सच said...

अच्छे है आपके विचार, ओरो के ब्लॉग को follow करके या कमेन्ट देकर उनका होसला बढाए ....

हरीश सिंह said...

बहुत अच्छी पोस्ट, शुभकामना, मैं सभी धर्मो को सम्मान देता हूँ, जिस तरह मुसलमान अपने धर्म के प्रति समर्पित है, उसी तरह हिन्दू भी समर्पित है. यदि समाज में प्रेम,आपसी सौहार्द और समरसता लानी है तो सभी के भावनाओ का सम्मान करना होगा.
यहाँ भी आये. और अपने विचार अवश्य व्यक्त करें ताकि धार्मिक विवादों पर अंकुश लगाया जा सके., हो सके तो फालोवर बनकर हमारा हौसला भी बढ़ाएं.
मुस्लिम ब्लोगर यह बताएं क्या यह पोस्ट हिन्दुओ के भावनाओ पर कुठाराघात नहीं करती.

Richa P Madhwani said...

ओरो के ब्लॉग को follow करके या कमेन्ट देकर उनका होसला बढाए .... achhi line likhi...
thank you

http://shayaridays.blogspot.com

Manish Kumar Khedawat said...

nisandeh behas ka mudda hai ye
bahut achha laga aapke khayal padhkar

________________________________
मैं , मेरा बचपन और मेरी माँ || (^_^) ||

Post a Comment